यातायात नियमों का पालन करना ही अपनी ही जान की सुरक्षा करना RTO अजय कुमार मिश्रा
सड़क हादसों का प्रत्यक्ष प्रभाव पीड़ित परिवार पर होता:मुजफ्फरनगर जिस काम को करने के लिए मना किया जाता है, उसी को करने की जिद करना या यहां तक कि कई बार नियमों का उल्लंघन कर भी कार्यरूप देना ज्यादातर लोगों की एक विचित्र प्रवृत्ति रही है! हम अपने आसपास देखें तो आजकल इस प्रवृत्ति का विकृ त रूप मिलता है। मसलन, बगैर हेल्मेट के वाहन चलाना व बगैर सीटबेल्ट के एवं मोबाईल पर बात करते हुए वाहन चलाना, साइड ना देकर बीच सड़क पर चलना अन्य वाहन के कागजात पूरा ना रखना व पार्किंग नहीं वाले स्थान पर अपने वाहनों को खड़ा करना जैसे आम बात हो गई है। यह स्थिति न केवल सड़कों पर अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का भी कारण बनती है! देश में रोड पर वाहनों को खड़ा कर दिया जाना एक आम समस्या है और इससे 'कई समस्याएं पैदा हो रही हैं। ऐसी जगहों व परं अनाधिकृत पार्किंग यातायात के प्रवाह को बाधित करती है जिससे भीड़भाड़ होती है। इसके अलावा, देश में यातायात संकेतों का जानबूझ कर उल्लंघन, जैसे लालबत्ती पार कर जाना या यातायात नियमों की अवहेलना भी हम जनमानस की आदत में शुमार हो चला है। कुछ चालक समय बचाने की इच्छा के कारण जानबूझकर यातायात संकेतों को तोड़ते हैं ऐसे वाहन चालक यह मानते हैं कि वह चौराहों पर संकेत बदलने की प्रतीक्षा किए बिना चौराहों पर सुरक्षित रूप से निकाल सकते हैं जब हमारी बात मुजफ्फरनगर के आरटीओ प्रशासन अजय कुमार मिश्रा से हुई तो उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करना अपनी ही जान की सुरक्षा करना है अगर किसी व्यक्ति की दुर्घटना के कारण अकाल मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार की आर्थिक में सामाजिक स्थिति कमजोर हो जाती है उन्होंने कहा कि अगर हम सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का पालन करेंगे तो दीर्घायु रहेंगे आरटीओ अजय मिश्रा ने कहा की यातायात नियमों के पालन से जिले में होने वाले हादसों का ग्राफ कम होगा उन्होंने कहा कि हम अपने अधिकारों के प्रति तो जागरुक है लेकिन कर्तव्य के प्रति उदासीन है तथा एआरटीओ सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि हादसों का प्रत्यक्ष प्रभाव पीड़ित परिवार पर होता है जबकि यह प्रत्यक्ष रूप से हमारे समाज में देश की अपूरणी क्षति होती है है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन किए जाने की आवश्यकता है, तभी हाँने वाली दुर्घटनाओं में कमी आ सकेगी। एआरटीओ सुशील मिश्रा ने कहा कि जीवन अनमोल है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ हमें स्वयं इस जीवन को रक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना बल्कि दूसरों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी न सिर्फ सरकार की बल्कि व्यक्ति की स्वयं की भी है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को हम अपनी जीवनचर्या का हिस्सा बनाएं। वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, मोबाइल पर बात न - करें, दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करें, चौपहिया वाहन चलाते समय सीट बैल्ट का प्रयोग करें व शराब पीकर व नशे में वाहन न चलाएं। बहन-भाइयों से और वधु अपने वर से लें नियम पालन का वचन। संड़क सुरक्षा हम सभी के जीवन से जुड़ा हुआ मामला है। दोनो अधिकारियों ने सभी भाई बहनों से अपील की कि वे अपने परिवार वालो को हेलमेट का प्रयोग करने की जिद करें तथा सीट बैल्ट लगाने तथा अन्य यातायात नियमों का पालन करने का वचन भी लें क्योंकि जीवन अनमोल हैं।
रिपोर्टर सत्येंद्र सैनी